गोलू और उड़ती पंखुड़ियाँ

हवा में एक मीठी खुशबू तैर रही है। गोलू उसे सूँघते-सूँघते दूर एक फूलों से भरे पेड़ तक पहुँच जाता है। वह एक टहनी तोड़कर अपने पास रखना चाहता है, पर रास्ते में फूल मुरझा जाते हैं। गोलू लौटकर पेड़ के नीचे बैठ जाता है — और हवा उसके ऊपर पंखुड़ियों की बारिश कर देती है।

३ मिनट की कहानी

इस कहानी का दिल

गोलू सीखता है कि सुंदर चीज़ें अपनी बनाकर नहीं, वहीं रहने देकर सबसे प्यारी लगती हैं।