गोलू और जुगनुओं की गिनती

सब सो गए, बस गोलू जागा था। तभी अंधेरे में एक नन्ही सुनहरी रोशनी आई और बोली — “चलो, गिनती करें।”

मिनट की कहानी

इस कहानी का दिल

छोटे बच्चे को नींद ज़ोर से नहीं आती, धीरे-धीरे आती है। गिनती, रोशनी और एक साथी — बस इतना काफ़ी है।