आज रात की कहानी
एक खोखला पेड़, तीन नन्ही ताल और कोई भी छूटा नहीं
एक लाल टोपी, एक शरारती हवा और नन्हा गोलू
एक धूल-धूसरित बादल, एक लंबी सूँड़ और छपाक-छपाक पानी
एक बड़े पेड़ की जड़, एक नन्हा हरा दरवाज़ा और ठक-ठक
एक भारी सूँड़, एक छिपी पूँछ और झूल-झूल
एक बड़ा पत्ता, एक नन्ही तितली और गोलू के दो बड़े कान
नींद नहीं आ रही थी… फिर एक जुगनू आया