गोलू और नन्हा पंख

सुबह की नरम धूप में गोलू के सामने एक नन्हा सफ़ेद पंख आकर बैठ जाता है। वह उसे उठाना चाहता है, पर हर बार उसकी साँस से पंख फुर्र… उड़ जाता है। धीरे साँस लेना सीखकर वह पंख मुनिया के घोंसले तक पहुँचाता है।

३ मिनट की कहानी

इस कहानी का दिल

नरम चीज़ों को नरमी से छूना आता है, तो वे साथ रहती हैं।