गोलू और मकड़ी का झूला

तितली के पीछे भागते-भागते गोलू की सूँड़ मकड़ी के नन्हे जाले से टकरा गई। जाला टूट गया और नन्ही मकड़ी उदास बैठ गई। गोलू ने माफ़ी माँगी, फिर दो घास की डंडियाँ पकड़कर बिलकुल चुपचाप खड़ा रहा — और मकड़ी ने नया, चमकता झूला बुन लिया।

३ मिनट की कहानी

इस कहानी का दिल

नन्हे बच्चे रोज़ अनजाने में कुछ गिरा या तोड़ देते हैं। यह कहानी डाँट नहीं देती — यह दिखाती है कि गलती हो जाए तो साथ खड़े होकर उसे सुधारा जा सकता है।