गोलू और गीली मिट्टी की छाप

तालाब किनारे की गीली मिट्टी पर गोलू को अनजानी छापें दिखती हैं। वह धीरे-धीरे उनके पीछे चलता है, झाड़ी के पास एक नन्हा मेंढक टप्प करके पानी में कूदता है, और छापें घूमकर वहीं लौट आती हैं जहाँ गोलू खड़ा था — तब वह अपना पैर उनके पास रखकर हँस पड़ता है।

३ मिनट की कहानी

इस कहानी का दिल

जो पहेली लगती है, वह ध्यान से देखने पर अपनी ही निशानी निकलती है।