गोलू और ढुलकते बेर
गोलू की सूँड़ से माँ की बेरों की टोकरी लुढ़क जाती है। वह डरकर बेर पत्तों के नीचे छिपा देता है, पर रात में नींद नहीं आती — तब वह माँ के पास जाकर सच बोल देता है।
३ मिनट की कहानी
गोलू की सूँड़ से माँ की बेरों की टोकरी लुढ़क जाती है। वह डरकर बेर पत्तों के नीचे छिपा देता है, पर रात में नींद नहीं आती — तब वह माँ के पास जाकर सच बोल देता है।
३ मिनट की कहानी
गोलू सच बोलकर अपना मन हल्का कर लेता है।