गोलू और धीरे-धीरे वाला दिन

गोलू खेलने आया, पर खरगोश बीमार था। पहले गोलू ने ज़ोर से सूँड़ बजाकर उसे हँसाना चाहा — और समझ गया कि आज शोर नहीं चाहिए। फिर उसने ठंडे गीले पत्ते लाए, बंदर को भी चुप कराया, और चुपचाप अपने दोस्त के पास बैठा रहा।

३ मिनट की कहानी

इस कहानी का दिल

बच्चे मदद करना चाहते हैं, पर उनका तरीका कभी-कभी शोर वाला होता है। यह कहानी दिखाती है कि दूसरे को क्या चाहिए — यह देखना ही असली देखभाल है।