गोलू और लौटती आवाज़
गोलू पत्थरों वाली पहाड़ी के पास पहुँचता है और वहाँ उसकी हर बात लौट कर आती है। वह छिपे हुए दोस्त को ढूँढता है, ज़ोर से पुकारता है, थक जाता है — और फिर चुप होकर सुनता है, तो सच समझ जाता है।
३ मिनट की कहानी
गोलू पत्थरों वाली पहाड़ी के पास पहुँचता है और वहाँ उसकी हर बात लौट कर आती है। वह छिपे हुए दोस्त को ढूँढता है, ज़ोर से पुकारता है, थक जाता है — और फिर चुप होकर सुनता है, तो सच समझ जाता है।
३ मिनट की कहानी
छोटे बच्चे आवाज़ लौटने पर चौंकते हैं। यह कहानी उस चौंक को शांति में बदल देती है।